
झांसी से कपिल शर्मा की रिपोर्ट
अब पढ़िए बूढ़े आशिक की पूरी कहानी 👇👇
“40 साल पहले गीता परिहार से की थी पहली शादी”
आरोपी बृजभान परिहार नंदनपुरा का रहने वाला है। वह रेलवे में जॉब करता था। उसने पुलिस को बताया- 40 साल पहले शादी गीता परिहार से हुई थी। एक बेटा शैलेंद्र और दो बेटियां है। तीनों की शादी हो चुकी है। शादी के 15 साल बाद गीता रायकवार से मुलाकात हुई थी। हम दोनों की दोस्ती हो गई और ये दोस्ती प्यार में बदल गई। बाद में हम लोगों ने शादी कर ली।

“दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी को छोड़ा”
गीता की पहली शादी गीता रायकवार निवासी नरछा, उरई से हुई थी। अनबन होने के बाद गीता ने उदल को छोड़ दिया। उसकी पहली शादी से एक बेटा मनीष है। बृजभान ने बताया कि गीता से शादी के बाद पहली पत्नी से अलग हो गया। हम दोनों फूटा चौपड़ा मोहल्ले में रहने लगे। दोनों को 20 साल पहले एक बेटा नितिन हुआ। सब कुछ ठीक चल रहा था।
“10 साल पहले प्रीति से अफेयर शुरू हुआ”
बृजभान ने बताया कि मैं एक रेलवे अधिकारी के बंगले पर काम करता था। वहां खाती बाबा निवासी प्रीति काम करने आती थी। 10 साल पहले प्रीति से दोस्ती हुई और हम दोनों में प्यार हो गया। प्रीति भी शादीशुदा है। उसकी दो बेटी और एक बेटा है। मैं प्रीति को बहुत प्यार करता था, लेकिन वो पैसों की लालची थी। 4 साल पहले मैं नौकरी से रिटायर्ड हो गया। वेतन आधी रह गया।
“गर्लफ्रेंड दूसरे से बात करती थी”
बृजभान ने पुलिस को बताया- कुछ समय से प्रीति के व्यवहार में बदलाव आ गया था। मुझे शक था कि वो किसी दूसरे युवक से बात करती है। पूछने पर ठीक से जबाव नहीं देती थी। हर वक्त पैसे मांगती थी। पहले ही अपनी पेंशन से मिले 20 लाख रुपए उसे दे चुका था। पैसे न मिलने पर प्रीति धमकाती थी। परेशान होकर मैंने उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया। र
“7 दिन तक लाश के टुकड़े जलाए”
बृजभान ने पुलिस को बताया- मैंने 20 दिन पहले बह्म नगर में पहाड़ी पर एक मकान किराए पर लिया। वहां प्रीति को लेकर जाता था। 8 जनवरी की शाम को प्रीति को ले गया। कुल्हाड़ी से सिर में वार कर प्रीति की हत्या कर दी।
उसने बताया कि कमरे के फर्श पर बिखरे खून को साफ किया। दो दिन तक मैं शव के साथ सोता रहा। जब कमरे से बदबू आने लगी तो शव को ठिकाने लगाने की साजिश रची। कुल्हाड़ी से शव के टुकड़े किए और फिर 7 दिनों तक एक-एक करके जला दिए।
“डेढ़ क्विंटल लकड़ियां खरीदी, बेटे से बक्सा मंगवाया”
बृजभान ने 10 जनवरी को सीपरी बाजार के एक मुक्तिधाम से अपने नाम की रसीद कटाकर डेढ़ क्विंटल लकड़ियां खरीदी थी। मुक्ति धाम से पुलिस को इसकी रसीद भी मिली है। लकड़ियां लेकर वह खुद घर आया। इसके बाद अपने बेटे नितिन से लोहे का बड़ा बक्सा मंगवाया।…….











